एसपीजी सुरक्षा क्या है? SPG Security in Hindi

एसपीजी (विशेष सुरक्षा दल) देश की सबसे आधुनिक सुरक्षा बलों में से एक है, यह एक विशेष सुरक्षा बल है जो भारत के प्रधानमंत्री, उनका परिवार, पूर्व प्रधानमंत्रीगण की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेती है। तो आइये एसपीजी (विशेष सुरक्षा दल) के बारे में विस्तार से जानते है।

एसपीजी सुरक्षा क्या है? What is SPG Security in Hindi

भारत हो या कोई और विदेशी दौरा, प्रधानमंत्री को 24 घंटे किसी भी प्रकार के हमले से उनकी सुरक्षा करना एसपीजी की ज़िम्मेदारी होती है। एसपीजी के जवानों को विशेष तौर पर परिक्षण दिया जाता है, आधुनिक उपकरण और पोषक प्रदान की जाती है तथा चुस्त अनुशासन में रखा जाता है ताकि प्रधानमंत्री को सुरक्षा प्रदान करने में वे लोग पूर्णतः सक्षम रहें।

एसपीजी का फुल फॉर्म, SPG Full Form in Hindi

एसपीजी का फुल फॉर्म होता है स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (Special Protection Group) जिसे हिंदी में विशेष सुरक्षा दल भी कहा जाता है, यह सुरक्षा दल भारत के प्रधानमंत्रियों की सुरक्षा का जिम्मा लेती है।

कहाँ कहाँ होता है एसपीजी सुरक्षा?

प्रधानमंत्री की अंगरक्षा के साथ साथ उनके आवास, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा हर वह स्थान जहाँ प्रधानमंत्री वास करते है, एसपीजी सुरक्षा मौजूद होती है ताकि किसी भी तरह से प्रधानमंत्री के ऊपर किसी की तरह का हमला संभव नहीं हो पाए।

किस किस को मिलती है यह सुरक्षा?

प्रधानमंत्री के सुरक्षा के अलावा, प्रधानमंत्री के तात्कालिक परिवार, पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवारों की सुरक्षा (पदत्याग के बाद 1 वर्ष तक) भी एसपीजी करती है। हालाँकि पूर्व प्रधानमंत्रियों की सुरक्षा एसपीजी कब तक करेगी यह केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित होता है।

एसपीजी का निर्देशन और नियंत्रण

एसपीजी का सामान्य अधीक्षण, निर्देशन, और नियंत्रण केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है, बल के प्रमुख, जिसे एक निदेशक कहा जाता है, को कैबिनेट सचिवालय में सचिव के रूप में नामित किया गया है जो बल के “कमांड और पर्यवेक्षण” के लिए जिम्मेदार है।

एसपीजी का निदेशक शुरू से ही भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) का अधिकारी रहा है। वर्तमान में एसपीजी के निर्देशक अरुण कुमार सिन्हा है।

एसपीजी का इतिहास (स्थापना)

साल 1981 से पहले पधानमंत्री को आधिकारिक निवास पर दिल्ली पुलिस के विशेष सुरक्षा जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सुरक्षा प्रदान करते थे लेकिन अक्टूबर 1981 में, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) द्वारा एक विशेष टास्क फोर्स (STF) का गठन किया गया जो नई दिल्ली में प्रधानमंत्री को रिंग-राउंड और एस्कॉर्ट प्रदान करने लगा।

अक्टूबर 1984 में प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद, 1985 में विशेष सुरक्षा दल की स्थापना की गयी। एसपीजी 8 अप्रैल 1985 को अस्तित्व में आया जब एस सुब्रमण्यम, इंटेलिजेंस ब्यूरो में संयुक्त निदेशक (वीआईपी सुरक्षा) के रूप में पद ग्रहण किया।

अप्रैल 1985 से जून 1988 तक, एसपीजी ने एक सुरक्षा समूह के रूप में विशुद्ध रूप से किसी कानून के बिना तीन साल के कार्यकारी आदेश के आधार पर काम किया जिसके बाद 2 जून 1988 को विशेष सुरक्षा दल अधिनियम जारी किया गया।

मई 1991 में जब राजीव गांधी की हत्या हुई उसके बाद 1991 में SPG अधिनियम में संशोधन कर पूर्व प्रधानमंत्री और उनके तत्काल परिवारों को 10 वर्ष की अवधि के लिए सुरक्षा प्रदान करने की बात की गयी लेकिन फिर से 2002 में, SPG अधिनियम में एक और संशोधन किया गया जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री को प्रदान की गई सुरक्षा की अवधि को कम करके एक वर्ष कर दिया गया था और यह प्रावधान है कि इस अवधि को खतरे के स्तर के आधार पर बढ़ाया जा सकता है।

एसपीजी फोर्स कैसे काम करती है?

सुरक्षा को वैश्विक स्तर पर निभाने के लिए एसपीजी के जवानों को विश्व स्तर की ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है, यह वही ट्रेनिंग होता है जो युनाइटेड स्टेट सीक्रेट सर्विस एजेंट्स को दी जाती है।

एसपीजी के जवान हाई ग्रेड बुलेटप्रूफ वेस्ट पहने होते हैं, जो लेवल-3 केवलर की होती है। इसका वजन 2.2 किग्रा होता है और यह 10 मीटर दूर से एके 47 से चलाई गई 7.62 कैलिबर की गोली को भी झेल सकती है।

एसपीजी के जवानों के पास FNF-2000 असॉल्ट राइफल और ग्लॉक 17 पिस्टल होती हैं साथ ही सभी जवान सुरक्षा तंत्र के जरिए कम्युनिकेशन डिवाइसेस से जुड़े होते हैं। एसपीजी के कमांडोज चश्मा भी पहनते हैं, जो उनकी आखों को हमले से बचाते हैं और अपने निशाने के बारे में किसी को भनक नहीं होने देते है।

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नमस्कार दोस्तों, मैं सच्चिदानंद सिंह आप सभी के तरह ही हिंदी का एक पाठक हूँ जिसे हिंदी के तरह तरह के लेख पढ़ने का शौक है, पिछले कुछ दिनों से MyHindiPedia के माध्यम से मैं अपनी जानकारी आप सभी के साथ अपनी ही भाषा हिंदी में साझा कर रहा हूँ।

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